2025-04-04

Shah Alert

शाह अलर्ट भारत का सर्वश्रेष्ठ हिंदी न्यूज़ चैनल

Daily Shah Alert 04 April 2025

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

किसान पंचायत में राकेश टिकैत की चेतावनी: कृषि क्षेत्र पर कंपनियों का कब्जा नहीं होने देंगे, गन्ना भुगतान को लेकर आंदोलन की धमकी

मोदीनगर। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एक बार फिर केंद्र सरकार और बड़ी कंपनियों को घेरते हुए तीखी चेतावनी दी है। कस्बा पतला में आयोजित किसान पंचायत में उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र पर कंपनियों का कब्जा किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।

किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा टिकैत ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है। सरकार विदेशों से दूध आयात करने की नीति बना रही है, जो देश के डेयरी किसानों को बर्बाद करने का षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि भाकियू इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ संघर्ष करेगा।

गन्ना भुगतान को लेकर बड़ा आंदोलन की चेतावनी टिकैत ने गन्ना किसानों के लंबित भुगतान पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मोदी शुगर समेत कई मिलों पर किसानों का बकाया है। यदि जल्द से जल्द भुगतान नहीं किया गया तो भाकियू बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगा। उन्होंने सरकार से जल्द समाधान की मांग की।

टिकैत ने बाबा गंगाराम स्वामी की समाधि पर टेका माथा किसान पंचायत से पहले टिकैत ने बाबा गंगाराम स्वामी की समाधि पर माथा टेका। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने यहाँ आने का संकल्प लिया था, जिसे अब पूरा किया है।

मोदीनगर में भव्य स्वागत मोदी नगर पहुंचने पर राकेश टिकैत का भव्य स्वागत किया गया। राज चौपले और निवाड़ी बस स्टैंड पर भाकियू के जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र त्यागी ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सिंह समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।

भाकियू की सरकार को दो टूक टिकैत ने सरकार को चेताते हुए कहा कि किसानों के हक और कृषि क्षेत्र की सुरक्षा के लिए लड़ाई जारी रहेगी। अगर सरकार ने किसानों के हितों की अनदेखी जारी रखी, तो भाकियू आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नई दिल्ली: वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। गुरुवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के बीच तीखी नोकझोंक हुई। अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में खरगे पर वक्फ संपत्तियों से जुड़े घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया, जिसके बाद सदन में हंगामा मच गया।

खरगे ने आरोपों को बताया निराधार, मांगी माफी

राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे ने अनुराग ठाकुर के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और इसे उनकी छवि धूमिल करने की साजिश बताया। उन्होंने कहा, “अगर अनुराग ठाकुर अपने आरोप साबित नहीं कर सकते, तो उन्हें संसद में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। अगर आरोप साबित होते हैं, तो मैं खुद इस्तीफा दे दूंगा। मैं इस सरकार से डरता नहीं, मैं झुकूंगा नहीं।” खरगे ने अनुराग ठाकुर और राज्यसभा में सदन के नेता जे.पी. नड्डा से माफी की मांग की।

ठाकुर के आरोपों पर मचा बवाल अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधते हुए कहा था कि “कर्नाटक में वक्फ संपत्तियों के घोटाले में खरगे का नाम भी सामने आया है।” उन्होंने कांग्रेस पर वोटबैंक की राजनीति करने और वक्फ को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि कर्नाटक में मंदिरों से जो 450 करोड़ रुपये की कमाई होती है, उसका हिसाब-किताब नहीं दिया जाता, जबकि वक्फ संपत्तियों का घोटाला कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक जुड़ा हुआ है।

खरगे बोले- ‘सदन में झूठे आरोप बर्दाश्त नहीं’खरगे ने राज्यसभा में कहा कि “अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में मेरे खिलाफ पूरी तरह से झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए। जब मेरे सहयोगियों ने उन्हें चुनौती दी, तो वह अपनी मानहानिकारक टिप्पणी वापस लेने के लिए मजबूर हो गए, लेकिन तब तक मीडिया और सोशल मीडिया पर यह बयान वायरल हो चुका था।” खरगे ने साफ कहा कि वह इस मुद्दे पर पीछे हटने वाले नहीं हैं और झूठे आरोपों के खिलाफ अदालत का सहारा भी लेंगे।

संसद में विपक्ष का वॉकआउट खरगे के बयान के बाद विपक्षी सांसदों ने इस मुद्दे पर हंगामा किया और सदन से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस ने इसे भाजपा की सोची-समझी साजिश बताया और आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी नेताओं की छवि खराब करने के लिए ऐसे बयान दिलवा रही है।राजनीतिक घमासान जारी वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान यह विवाद और गहरा गया है। जहां कांग्रेस इसे भाजपा द्वारा विपक्ष को कमजोर करने की रणनीति बता रही है, वहीं भाजपा का कहना है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तनाव कितना बढ़ता है और क्या यह मामला अदालत तक पहुंचेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नई दिल्ली: वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर देश में विवाद गहराता जा रहा है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने स्पष्ट किया है कि यदि यह विधेयक राज्यसभा से पारित हो जाता है, तो पर्सनल लॉ बोर्ड इसे अदालत में चुनौती देगा।

नीतीश कुमार और नायडू की भूमिका पर उठे सवाल मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि मुस्लिम समाज को उम्मीद थी कि जनता दल यूनाइटेड के नेता नीतीश कुमार और तेलुगू देशम पार्टी के नेता चंद्रबाबू नायडू इस विधेयक का विरोध करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने विपक्षी दलों की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए और कहा कि अगर सभी दलों ने ठोस तथ्यों के साथ विरोध किया होता, तो स्थिति अलग होती।

जिलाधिकारियों को मिलेगा वक्फ संपत्तियों पर अधिकार विधेयक के पारित होने के बाद वक्फ संपत्तियों के मामलों में अब वक्फ बोर्ड की बजाय संबंधित जिलाधिकारी निर्णय लेने के लिए अधिकृत होंगे। उत्तर प्रदेश में 98% वक्फ संपत्तियां अभी तक राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं, जिन पर अब संकट मंडराने लगा है।

यूपी में 57792 सरकारी संपत्तियों पर विवाद उत्तर प्रदेश में 57792 सरकारी संपत्तियां अवैध रूप से वक्फ संपत्तियों के रूप में दर्ज हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 11712 एकड़ है। सरकार का कहना है कि इन संपत्तियों को नियमों के तहत वक्फ नहीं किया जा सकता था। नए कानून के तहत ये संपत्तियां वक्फ के अधिकार क्षेत्र से बाहर हो जाएंगी और स्थानीय प्रशासन इन्हें अपने कब्जे में ले लेगा।

विवादों की सुनवाई अब जिलाधिकारी करेंगे यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की गोपनीय रिपोर्ट के अनुसार, कई सार्वजनिक उपयोग की जमीनें गलत तरीके से वक्फ के रूप में दर्ज की गई हैं। रामपुर, हरदोई समेत कई जिलों में निजी भूमि को भी वक्फ संपत्ति घोषित किए जाने के मामले सामने आए हैं। अब इन सभी विवादों की सुनवाई जिलाधिकारी करेंगे और 1952 के राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर निर्णय लेंगे।

वक्फ संशोधन विधेयक के प्रभाव को देखते हुए मुस्लिम समुदाय में नाराजगी देखी जा रही है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से इस बिल को चुनौती देने की तैयारी की जा रही है। वहीं, सरकार का दावा है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

थाना शाहपुर पुलिस द्वारा पशु चोरी के अभियोग का सफल अनावरण करते हुए दौराने पुलिस मुठभेड़ 01 अभियुक्त घायल सहित 02 शातिर चोर अभियुक्तगण घायल/गिरफ्तार।

घायल/गिरफ्तार अभियुक्तगण के कब्जे से 01 चोरी की गयी भैंस तथा अवैध शस्त्र बरामद।

अवगत कराना है जनपद मुजफ्फरनगर में शातिर चोर/लुटेरे अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह द्वारा चलाये जा रहे अभियान के अन्तर्गत पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल के निर्देशन में, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेन्द्रपाल सिंह के निकट पर्यवेक्षण में तथा थानाध्यक्ष दीपक चौधरी थाना शाहपुर के कुशल नेतृत्व में दिनांक 02.04.2025 को थाना शाहपुर पुलिस द्वारा पशु चोरी के अभियोग का सफल अनावरण करते हुए दौराने पुलिस मुठभेड़ 01 शातिर पशु चोर अभियुक्त (घायल) सहित 02 चोर अभियुक्तगण को ग्राम निरमाना रजवाहे पर ट्यूबवैल के पास से गिरफ्तार किया गया। घायल/गिरफ्तार अभियुक्तगण के कब्जे से 01 चोरी की गयी भैंस तथा अवैध शस्त्र बरामद किये गये।

अभियुक्तगण की गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में थाना शाहपुर पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।

घटना का संक्षिप्त विवरण- दिनांक 01.04.2025 को वादी श्री जुल्फकार निवासी ग्राम खतौला थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर द्वारा थाना शाहपुर पुलिस को लिखित तहरीर देकर अवगत कराया गया कि दिनांक 31.03.2025 की रात्रि को अज्ञात चोरों के द्वारा उनकी भैस को चोरी करने की घटना की गयी है। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना शाहपुर पुलिस द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए मु0अ0सं0- 52/2025 धारा 303(2) पंजीकृत किया गया तथा घटना के शीघ्र व सफल अनावरण व अभियुक्तगण की गिरफ्तारी हेतु उच्चाधिकारीगण के निर्देशन पर थाना शाहपुर पर पुलिस टीम का गठन किया गया था।


गठित पुलिस टीम को दिनांक 02.04.2025 की रात्रि को मुखबिर द्वारा सूचना दी गयी उक्त पशु चोरी की घटना को कारित करने वाले अभियुक्तगण चोरी की गयी भैंस को लेकर ग्राम निरमाना के रजवाहे पर 01 ट्यूबवैल के पास खडें हैं। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा मुखबिर द्वारा बताये गये स्थान पर दबिश देकर घेराबन्दी की गयी तथा अभियुक्तगण को आत्मसमर्पण की चेतावनी दी गयी।

अभियुक्तगण पर चेतावनी का कोई असर नही हुआ तथा पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गयी जिसमें पुलिस टीम बाल-बाल बची। पुलिस टीम द्वारा अपने आप को बचाते हुए आत्मरक्षार्थ सूक्ष्म जवाबी फायरिंग की गयी जिसमें एक अभियुक्त घायल हो गया तथा उसका साथी फरार हो गया। पुलिस टीम द्वारा 01 अभियुक्त को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया तथा उसके साथी अभियुक्त को कांबिंग के दौरान गिरफ्तार किया गया। घायल/गिरफ्तार अभियुक्तगण के कब्जे से 01 रास भैंस तथा अवैध शस्त्र बरामद किये गये। अभियुक्तगण की गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में थाना शाहपुर पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 93/2025 धारा 109(1) बीएनएस तथा 3/25/27 आयुध अधिनिय पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।

घायल/गिरफ्तार अभियुक्तगण का नाम व पता-
1. सरफराज पुत्र इनाम निवासी कुम्हारो वाला मौहल्ला बघरा थाना तितावी जनपद मुजफ्फरनगर (घायल)
2. नवाब पुत्र नफीस निवासी मौहल्ला कुरैशियान बघरा थाना तितावी जनपद मुजफ्फरनगर (गिरफ्तार)

बरामदगी-
✅ 02 अवैध तमंचा 315 बोर
✅02 जिन्दा व 02 खोखा कारतूस 315 बोर
✅ 01 रास भैंस (मु0अ0सं0 92/25 धारा 303(2)/317(2) बीएनएस से सम्बन्धित)

घायल/गिरफ्तार अभियुक्त सरफराज उपरोक्त का आपराधिक इतिहास-
1. मु0अ0सं0- 30/22 धारा 4/25 आर्म्स एक्ट थाना तितावी, मु0नगर।
2. मु0अ0सं0- 31/22 धारा 401 भादवि थाना तितावी, मु0नगर।
3. मु0अ0सं0- 92/25 धारा 303(2)/317(2) बीएनएस थाना शाहपुर, मु0नगर।
4. मु0अ0सं0- 93/25 धारा 109(1) बीएनएस व 3/25/27 आर्म्स एक्ट थाना शाहपुर, मु0नगर।

गिरफ्तार अभियुक्त नबाव उपरोक्त का आपराधिक इतिहास-
1. मु0अ0सं0- 92/25 धारा 303(2)/317(2) बीएनएस थाना शाहपुर, मु0नगर।
2. मु0अ0सं0- 93/25 धारा 109(1) बीएनएस व 3/25/27 आर्म्स एक्ट थाना शाहपुर, मु0नगर।

गिरफ्तारकर्ता पुलिस टीम-
1. उ0नि0 श्री गजेन्द्र सिंह थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर।
2. उ0नि0 श्री विकास कुमार थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर।
3. उ0नि0 श्रीपाल सिंह थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर।
4. है0 का0 704 प्रेमचन्द शर्मा थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर।
5. का0 453 ललित भाटी थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर।
6. का0 543 विनय कुमार थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर।
7. का0 1517 ललित पायल थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर।
8. का0 2118 रितिक थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trump Tariffs 2025 वाशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल 2025 को ‘लिबरेशन डे’ के अवसर पर वैश्विक आयातों पर ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ की घोषणा की। इस नए टैरिफ नियम के तहत चीन पर 34%, यूरोपीय संघ पर 20%, दक्षिण कोरिया पर 25%, भारत पर 26%, जापान पर 24% और ताइवान पर 32% टैरिफ लगाया गया है। इसके अलावा, सभी विदेशी निर्मित ऑटोमोबाइल्स पर 25% टैक्स आधी रात से लागू किया गया।

भारत को ‘डिस्काउंट के बाद’ 26% टैरिफ ट्रंप ने विशेष रूप से भारत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अमेरिकी मोटरसाइकिलों पर 70% टैक्स लगाता है, जबकि अमेरिका भारतीय मोटरसाइकिलों पर मात्र 2.4% टैक्स लगाता है। उन्होंने इस असमानता को खत्म करने की बात कही और भारत पर 26% टैरिफ लगा दिया। ट्रंप ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके अच्छे मित्र हैं, लेकिन भारत अमेरिका के साथ ‘सही व्यवहार’ नहीं कर रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अमेरिका पर 52% टैक्स लगाता है, जबकि अमेरिका भारत पर बेहद कम शुल्क लेता है।

कारों पर 25% टैरिफ लागू राष्ट्रपति ट्रंप ने विदेशी निर्मित कारों पर 25% टैरिफ लगाने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका दशकों से अन्य देशों द्वारा आर्थिक रूप से शोषित हो रहा था, लेकिन अब यह नहीं चलेगा। उनका मानना है कि इन कदमों से अमेरिकी उद्योगों की रक्षा की जाएगी।

वैश्विक व्यापार पर असरविशेषज्ञों का मानना है कि इन टैरिफ बढ़ोतरी के कारण वैश्विक व्यापार में तनाव बढ़ सकता है। भारत समेत कई देशों ने चिंता जताई है और कुछ देशों ने जवाबी कदम उठाने की चेतावनी दी है। इस फैसले से अमेरिकी उपभोक्ताओं को भी सामानों की बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ सकता है।

भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने इस फैसले को लेकर अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत करने की कोशिश की थी, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने भारत को ज्यादा रियायत नहीं दी। हालांकि, ट्रंप ने कहा कि भारत को ‘डिस्काउंट के साथ’ टैरिफ लगाया गया है। अब यह देखना होगा कि भारत इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया देता है और वैश्विक बाजारों पर इसका क्या असर पड़ता है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नई दिल्ली: लोकसभा में बुधवार को 12 घंटे की लंबी चर्चा के बाद वक्फ संशोधन बिल पास हो गया। इस बिल को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने इसे संविधान पर हमला बताया और कहा कि सरकार इसे जबरन पारित करवा रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश को रसातल में ले जा रही है और संविधान को ध्वस्त करना चाहती है।

सोनिया गांधी ने साधा निशाना कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी (CPP) की बैठक में सोनिया गांधी ने कहा कि यह विधेयक भारतीय जनता पार्टी की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद समाज को स्थायी रूप से विभाजित करना है। उन्होंने वन नेशन-वन इलेक्शन बिल को भी संविधान का उल्लंघन बताया और कहा कि कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करेगी।

लोकसभा में वोटिंग के आंकड़े रात 2 बजे हुई वोटिंग में कुल 520 सांसदों ने भाग लिया, जिसमें 288 सांसदों ने बिल के पक्ष में और 232 ने विरोध में मतदान किया। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विधेयक को “यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट (UMMEED)” नाम दिया है।

ओवैसी ने फाड़ा बिल विपक्ष के विरोध के बीच AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिल की प्रति फाड़ दी। उन्होंने इसे मुसलमानों को अपमानित करने वाला बताया और कहा कि वह महात्मा गांधी की तरह इस बिल का विरोध कर रहे हैं।

गृह मंत्री अमित शाह का बयान गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वक्फ संपत्तियों को लेकर कोई गैर-इस्लामिक प्रावधान इसमें नहीं जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल वोट बैंक की राजनीति कर अल्पसंख्यकों में डर फैलाने की कोशिश कर रहा है।

आज राज्यसभा में पेश होगा बिल लोकसभा में पारित होने के बाद अब यह विधेयक आज राज्यसभा में पेश किया जाएगा, जहां इसे लेकर और भी तीखी बहस होने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Daily Shah Alert 03 April 2025

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नई दिल्ली: लोकसभा में बुधवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया, जिसे लेकर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इस विधेयक को संविधान की मूल भावना पर आक्रमण बताते हुए कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों को बदनाम करने और समाज को बांटने की साजिश रच रही है।

गोगोई ने मंत्री रिजिजू के बयान को गुमराह करने वाला बताते हुए कहा कि सरकार इस बिल के जरिए राज्य सरकारों की शक्तियां कमजोर करना चाहती है और देशभर में कानूनी विवाद खड़े करने की मंशा रखती है। उन्होंने चेतावनी दी, “आज सरकार की नजर एक समुदाय की जमीन पर है, कल यह किसी और की होगी।”

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने यह विधेयक तैयार किया या किसी और विभाग ने? “अब सरकार को अल्पसंख्यकों के धर्म का प्रमाण पत्र देना पड़ रहा है। क्या यही लोकतंत्र है?” – गोगोई ने तंज कसा।

लोकसभा में इस विधेयक को लेकर आगे भी गर्मागर्म बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Daily Shah Alert 02 April 2025

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× How can I help you?